मेरी कलम से || meri kalam se..
गुरुवार, 16 फ़रवरी 2017
तू
क
भी नाम भूल जाऊ,
कभी बात भूल जाऊ,
तुझे सोच कर क़ुछ कहू,
तो अल्फाज भूल जाऊ;
चाहू कभी जो की,
तेरी यादों को भूल जाऊ,
तू जहन में हस्ती रहे,
मैं खुद को भूल जाऊ;
तेरी तस्वीर में यूं खोया हूं,
गुमनाम हो गया हूँ,
तेरा कब्ज़ा है मुझपर,
या मैं गुलाम हो गया हूँ;
3 टिप्पणियां:
Unknown
16 फ़रवरी 2017 को 9:21 pm बजे
kya baat!! ... again gud one👍
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MOHIT SINGH
16 फ़रवरी 2017 को 10:21 pm बजे
Thank you,thank you
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Healthy#Food#Lover
19 फ़रवरी 2017 को 10:51 pm बजे
Wooow.... Awesome 👌
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kya baat!! ... again gud one👍
जवाब देंहटाएंThank you,thank you
हटाएंWooow.... Awesome 👌
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